आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हंसी गायब होती जा रही

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चेन्नई. आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हंसी गायब होती जा रही है। लोग तनाव भरी जिंदगी जी रहे हैं। जिसके चलते शरीर में कई तरह की बीमारियां जन्म ले लेती हैं। सेहत के लिए हंसना सबसे अच्छा माध्यम हो सकता है। अगर हमें तनाव मुक्त जीवन जीना है तो हंसना बहुत जरूरी है। चेहरे पर हंसी किसी शख्‍स को ऊर्जावान बना देती है. हर काम हंसी-हंसी करने से जिंदगी तो अच्छी लगने ही लगती है, साथ ही कई बीमारियां भी अपने आप छू-मंतर हो जाती हैं।
हर साल मई माह के पहला रविवार विश्व हास्य दिवस के रूप में मनाया जाता है। भागमभाग भरी जिदगी में आदमी हंसना भी भूल गया है और तनाव में जीने को मजबूर है। कहा जाता है एक हंसी सौ इलाज के बराबर होती है। अब टीवी और यूट्यूब पर कॉमेडी और हास्य कवि सम्मेलन देखकर हंसने की कमी को पूरा कर रहे हैं। कुल मिला कर स्वस्थ रहने के लिए दिनचर्या में उन्मुक्त हंसी को शामिल करना जरूरी है। हंसना स्वास्थ्य के लिए सर्वोत्तम अभ्यास है। हास्यासन शरीर में होर्मोंस को नियंत्रित रखने के साथ इम्यूनिटी को बढ़ता है। हृदय और फेफड़ों के लिए लाभकारी होता है। रक्त प्रवाह के संतुलन बनाए रखने में भी प्रभावी है। तनाव को दूर करने के साथ नींद से जुड़ी हुई समस्याओं का बेहतर समाधान हंसी में छुपा है।
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हँसी हम भूलते जा रहे
जीवन में हँसी का विटामिन जैसा स्थान है। यह प्रकृति प्रदत्त नैसर्गिक वरदान है। किन्तु आज की ज़िन्दगी इतनी जटिल हो गई है कि आदमी मशीनी हो गया है। उसे अपने अस्तित्व को कायम रखते हुए बहुत सारे चाहे-अनचाहे काम करने होते हैं ।उसे अपनी सुधबुध भी नहीं रहती। अपने परिजनों के लिए भी वह आवश्यक और औपचारिक समय नहीं निकाल पाता!आपसी संवाद हो भला, तब न हास-परिहास हो। एक तो सामूहिक परिवार सिमट कर एकल परिवार हो गया है। ऊपर से ये मुआ मोबाइल फोन! फिर हँसने-हँसाने का माहौल कहाँ। हँसी उत्पन्न करनेवाले संबंध, त्योहार क्षीण होते जा रहे हैं। नाटक, कवि सम्मेलन,फिल्म, सामाजिक प्रथा आदि से हँसी के तत्व गुम होते जा रहे हैं । दूसरी ओर व्यक्ति के तनाव के तत्व में रोज इजाफा हो रहा है। आदमी हँसे भी तो कैसे? लगता है हँसी हम भूलते जा रहे हैं।
- ईश्वर करुण झा, गीतकार, लेखक एवं मोटिवेशनल स्पीकर, चेन्नई।
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हंसने से मन को शांति
हंसी अपने आप में स्वास्थ्य की सबसे सुलभ दवा है। हमारे लिए तो यह औषधि है। हंसना हमारे शरीर के लिए इसलिए भी जरूरी होता है, क्योंकि इससे हमारे शरीर में रक्त का संचार तीव्र गति से होता है। एक कहावत है कि हंसने से खून बढ़ता है। इसलिए व्यक्ति को हंसते रहना चाहिए। बीमारियों से बचाव का सबसे अच्छा तरीका हंसना है। अक्सर देखने में भी आता है कि हंसमुख व्यक्ति को ब्लड प्रेशर, शुगर जैसी बीमारियां नहीं होती। कुल मिलाकर देखा जाए तो तनाव मुक्त जीवन के लिए हंसना जरूरी है। हंसने से मन को शांति मिलती है और आपसी भाईचारे और सद्भाव को बढ़ावा मिलता है।
- शिवनाथसिंह बासड़ाधनजी, बिजनसमैन, चेन्नई।
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जिंदगी में जरूर खुश रहना चाहिए
हंसी तो जैसे लोगों से दूर होती जा रही है। हमारे जीवन में कई तरह के तनाव होते हैं, जिसकी वजह से व्यक्ति परेशान रहता है। वहीं, आजकल तो चारों तरफ के हालात देखकर व्यक्ति वैसे ही परेशान रहता है। लेकिन हमें अपनी जिंदगी में जरूर खुश रहना चाहिए और हंसना चाहिए। लोग इस बात को नहीं जानते हैं कि बात करते समय हम जितनी ऑक्सीजन लेते हैं, उससे छह गुना ज्यादा ऑक्सीजन हम हंसते समय लेते हैं।
- राजेश सुराणा, बिजनसमैन, चेन्नई।
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हंसने से शरीर में नई स्फूर्ति का संचार
अब मोबाइल, टीवी और सोशल मीडिया पर व्यक्ति इतना व्यस्त हो गया है कि वह सिर्फ अपने तक सीमित होकर रह गया है। यहां तक कि अपने परिवार के लोगों से सिर्फ काम की बात करते है। हंसना और हंसाना तो दूर की बात हो रही है। आज यह हालात बन गए है कि व्यक्ति काम कम और तनाव अधिक लेता है। अगर वो हंसता रहे तो वो क्रोध करना तक छोड़ सकता है। साथ ही हंसने से शरीर में नई स्फूर्ति का संचार होता है।
- हनुमानराम खदाव, बिजनसमैन, चेन्नई।
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source https://www.patrika.com/chennai-news/laughter-7502236/

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